माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना 1975 में दो दोस्तों ने मिलकर किया था जिनका नाम बिल गेट्स और एलेन पॉल था। यह कंपनी दुनिया की सबसे सक्सेसफुल सॉफ्टवेयर कंपनी बनी जिसको दो दोस्तों ने मिलकर बनाया था अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और विंडो को मामले में जान ए वाले कंपनी है या कंपनी विंडो के क्षेत्र में काफी ज्यादा काम कर लिया है जिसका कोई भी कंपीटीटर नहीं है यह कंपनी टैबलेट लैपटॉप गेमिंग के क्षेत्र में काफी ज्यादा काम किया है अगर आप काफी ज्यादा साल के हैं तो आपको याद होगा कि माइक्रोसॉफ्ट एक ऐसी कंपनी बनकर उभरी थी जिसका ना तो कोई कंपीटीटर था ना कोई ऐसा कंपनी बन सकत शुरुआती दिनों में बिल गेट्स और एलन पाल ने इस कंपनी पर बहुत ही ज्यादा मेहनत करी मगर कुछ दिनों बाद जब एक कंपनी बन गई एलेन पॉल को एक बीमारी हो गई जिसके कारण माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को एलेन पॉल ने छोड़ दिया और आगे बिल गेट्स ने कंपनी को कार्यभार संभालना चालू रखा फिर कंपनी को ऐसे मोड़ पर लाया जो की दुनिया की सबसे ज्यादा रिवेन्यू जनरेट करने वाली कंपनी बनी आज बिल गेट्स दुनिया के सबसे अमीर आदमी में से एक हैं जो कि यह माइक्रोसॉफ्ट के वजह से ही है वर्तमान में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ भारत के मूल निवासी है जिनका नाम सत्य नडेला है जब यह माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ बने तो कंपनी को कई क्षेत्रों में काम करने का मौका मिला जिससे कि कंपनी का शेर और भी ऊपर जाने लगा माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ का नाम सत्य नडेला है जो की एक सक्सेसफुल सीईओ के रूप में उभरे हैं और इन पर बिल गेट्स काफी ज्यादा उम्मीद रखते हैं लोग कहते हैं की जो मेहनत करता है वह काफी ऊंचाइयों तक पहुंचता है कुछ ऐसी कहानी बिल गेट्स के साथ भी है बिल गेट्स ने अपने विद्यार्थी जीवन में पढ़ने में एवरेज स्टूडेंट ही थे उनको कोडिंग का बहुत ही ज्यादा शौक था वह कोडिंग करके एक बार एक गेम एप्लीकेशन बनाएं जिसको बेचकर उन्होंने कुछ पैसा जनरेट किया और आगे देखते ही देखते अपने साथी क्लासमेट एलन पॉल के साथ मिलकर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी खड़ा करी इसी प्रकार माइक्रोसॉफ्ट कंपनी आज भी दुनिया में नंबर वन सॉफ्टवेयर कंपनी बनी ।
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