: अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO)

अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO)

अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO)

इसकी स्थापना प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात् वर्ष 1919 में हुई थी। इस समय यह में राष्ट्र संघ का अभिकरण था, बाद में राष्ट्र संघ के पतन के पश्चात् इसे संयुक्त

राष्ट्र संघ का अभिकरण बना लिया गया।

इसका मुख्यालय जेनेवा (स्विट्जरलैण्ड) में है। इसके कुल सदस्यों की संख्या 150 है। प्रत्येक राष्ट्र के 4 सदस्य इसकी बैठक में भाग लेते हैं। इसका प्रशासनिक विभाग श्रमिक संघों के कार्यों पर नियन्त्रण रखता है।

अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के कार्य

विश्वभर में श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का निर्माण करना । श्रमिकों के शिक्षण और प्रशिक्षण का प्रबन्ध करना।

श्रमिकों के समुचित वेतन, आवास, स्वास्थ्य तथा जीवन स्तर सुधारने का

प्रयास करना।

• बाल श्रम की रोकथाम करना।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)

इसकी स्थापना 7 अप्रैल, 1948 को जेनेवा (स्विट्जरलैण्ड) में की गई। इसके तीन अंग हैं- साधारण सभा, प्रशासनिक बोर्ड, सचिवालय प्रशासनिक बोर्ड में 18 सदस्य हैं। अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप, दक्षिणी-पूर्वी एशिया तथा अन्य देशों में इसकी क्षेत्रीय शाखाएँ हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्य

.

सम्पूर्ण विश्व में मानव स्वास्थ्य के विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ बनाना।

. संक्रामक तथा घातक बीमारियों की रोकथाम करना।

• स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसन्धान करना तथा आपदाजनित

रोकना। • अल्पविकसित देशों को स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध कराना।

• स्वास्थ्य सम्बन्धी साहित्य का प्रकाशन करना तथा वितरण करना।

मानसिक स्वास्थ्य में सभी देशों का ध्यान आकर्षित करना।

संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO)

यूनेस्को की स्थापना 4 नवम्बर, 1946 को लन्दन में की गई। इसका मुख्यालय फ्रांस की राजधानी पेरिस में है। इस संस्था के सदस्यों की संख्या वर्तमान में 100 से अधिक है। इसका वर्ष में एक सामान्य सम्मेलन होता है, जिसमें सभी सदस्य देशों के एक-एक प्रतिनिधि भाग लेते हैं।

यूनेस्को के कार्य

. विश्व में शिक्षा व संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना।

शिक्षा तथा विज्ञान के क्षेत्र में नवीन अनुसन्धान करना तथा अन्तर्राष्ट्रीय

सद्भावना का विकास करना।

हानि को

Post a Comment

0 Comments