महासभा के कार्य
• नए सदस्यों को सदस्यता प्रदान करना। • सुरक्षा परिषद् की सिफारिश पर महासचिव
की
नियुक्ति करना। सुरक्षा परिषद् के 10 अस्थायी सदस्यों, आर्थिक व सामाजिक परिषद् 54 सदस्यों, न्यास परिषद के 6 सदस्यों तथा अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय
न्यायाधीशों का निर्वाचन करना। • अपने सभापति का निर्वाचन करना।
सुरक्षा परिषद्
के के
यह संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, इसमें कुल 15 सदस्य होते हैं। स्थायी सदस्य संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन तथा फ्रांस इसके स्थायी सदस्य देश हैं, इन्हें परिषद् में वीटो पावर या निषेधाधिकार प्राप्त है। इस अधिकार का प्रयोग करके कोई भी स्थायी सदस्य परिषद् के निर्णय को रद्द कर सकता है।
अस्थायी सदस्य अस्थायी सदस्यों का चुनाव दो वर्षों के लिए महासभा दो-तिहाई बहुमत द्वारा करती है। भारत भी 6 बार इसका अस्थायी सदस्य
रहा है।
सुरक्षा परिषद् के कार्य
सुरक्षा परिषद् के कार्य निम्नलिखित हैं
• यह विश्व शान्ति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखती है।
• यह अन्तर्राष्ट्रीय संघर्षों को रोकने के लिए सैन्य कार्यवाही कर सकती है। परिषद् निःशस्त्रीकरण के लिए भी प्रस्ताव पारित करती है। • यह नए राष्ट्रों को सदस्यता प्रदान करती है।
शि महासचिव की नियुक्ति के लिए सिफारिश भी महासभा ही करती है।
परिषद्
न्यास परिषद् में 12 सदस्य होते हैं, जिनमें चार प्रबन्धकर्ता देश तथा 5 निर्वाचित सदस्य होते हैं।
न्यास परिषद् के कार्य
• इस परिषद् का उद्देश्य संरक्षित प्रदेशों का शासन प्रबन्ध करने वाले राष्ट्रों के
कार्यकलापों की जाँच तथा उन पर नियन्त्रण रखना है।
सचिवालय
सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रशासनिक अंग है। इसका प्रमुख अधिकारी महासचिव कहलाता है, जिसकी नियुक्ति 5 वर्ष के लिए की जाती है। इसकी सहायता के लिए विभिन्न देशों से लगभग 10,000 कर्मचारी कार्य करते हैं। वर्तमान में दक्षिण कोरिया के बान-की-मून इसके महासचिव हैं।
आर्थिक और सामाजिक परिषद् इस परिषद् में महासभा द्वारा निर्वाचित 54 सदस्य होते हैं। इनकी एक वर्ष में कम-से-कम दो बैठकें अवश्य होती हैं। इसका प्रमुख कार्य सम्पूर्ण विश्व के आर्थिक, सामाजिक, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों से तथ्यों को जुटाकर महासभा
को सूचित करना है। अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय
• अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र संघ की न्यायपालिका है, इसमें 15 न्यायाधीश हैं, जिनकी नियुक्ति महासभा सुरक्षा परिषद् की सिफारिश पर करती है। न्यायाधीशों का कार्यकाल 9 वर्ष का होता है।
• अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय द हेग (नीदरलैण्ड्स) में है। * इसका प्रमुख कार्य दो या दो से अधिक राष्ट्रों के मध्य उत्पन्न विवाद या झगड़े के विषय में निर्णय देना है। इसके अतिरिक्त यह विवाद या झगड़े को समाप्त
करने के सम्बन्ध में परामर्श भी देती है। संयुक्त राष्ट्र संघ की विशिष्ट संस्थाएँ
अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO)
इसकी स्थापना वर्ष 1919 में हुई थी। बाद में यह संयुक्त राष्ट्र संघ का निकाय बन गया। इसका मुख्यालय जेनेवा (स्विट्जरलैण्ड) में है।
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