: * इन्होंने 1875 ई. में अलीगढ़ (उ.प्र.) में मोहम्मडन एंग्लो ओरियण्टल कॉलेज की स्थापना की। 1920

* इन्होंने 1875 ई. में अलीगढ़ (उ.प्र.) में मोहम्मडन एंग्लो ओरियण्टल कॉलेज की स्थापना की। 1920

* इन्होंने 1875 ई. में अलीगढ़ (उ.प्र.) में मोहम्मडन एंग्लो ओरियण्टल कॉलेज की स्थापना की। 1920 ई. मे यह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बन गया।* इन्होंने 1875 ई. में अलीगढ़ (उ.प्र.) में मोहम्मडन एंग्लो ओरियण्टल कॉलेज की स्थापना की। 1920 ई. मे यह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बन गया। * ९४ मुसलमानों को रूढ़िवादिता में न रहकर वैज्ञानिकता के साथ आगे बढ़ने की क्षा दी। « इनके द्वारा चलाया गया अलीगढ़ आन्दोलन प्रथम मुस्लिम समाज सुधार आन्दोलन था। मुस्लिम सुधार आन्दोलन मुस्लिम धर्म सुधार आन्दोलन के दो प्रकार थे -() वहाबी आन्दोलन (|) देवबन्दी आन्दोलन, जिसे 18वीं शताब्दी में अरब में मुहम्मद अब्दुल वहाब ने प्रारम्भ किया था। भारत में इसका प्रसार सैयद अहमद बरेलवी ने किया था। » इस आन्दोलन के दो प्रमुख उद्देश्य थे-इस्लाम धर्म का प्रचार एवं मुस्लिम समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना। कूंका आन्दोलन इसको कूका या नामघारी आन्दोलन कहा जाता है। यह सिख धर्म सुधार आन्दोलन था, जिसे 1840 ई. में भगत जवाहरमल उर्फ सियान साहब ने शुरू किया था। « इसके उददेश्यों में जाति व अन्तर्जातीय विवाह पर लगे प्रतिबन्ध को दूर करना, मांस व नशीली वस्तुओं के सेवन को निषिद्ध करना था। « 1863 ई. में राम सिंह कूका के नेतृत्व में कूकाओं ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया था। « कूका आन्दोलन की स्थापना गुरू बालक सिंह ने की थी, लेकिन वास्तविक संस्थापक और प्रणेता गुरू राम सिंह थे। 'वियोसॉफिकल सोसायटी * इसकी स्थापना 1875 ई. में न्यूयॉर्क (अमेरिका) में कर्नल अल्काट तथा हेलेन ब्लावत्स्की ने की थी। * भारत में इसकी स्थापना 1882 ई. में अड्यार (मद्रास) में एक आयरिश महिला ऐनी बेसेण्ट ने की थी « इस सोसायटी के अनुसार हिन्दू व बौद्ध धर्म सबसे उत्तम प्रकृति के धर्म हैं। * श्रीमती ऐनी बेसेण्ट ने बनारस में सेण्ट्रल हिन्दू कॉलेज की स्थापना की थी। अहमदिया आन्दोलन *« अहमदिया आन्दोलन की स्थापना 1889 ई. में मिर्जा गुलाम अहमद ने की थी। * यह मुस्लिम धर्म सुधार आन्दोलन उदारवादी था तथा इसके नेता अपने को हजरत मुहम्मद के समान धर्मगुरु मानते थे। « यह आन्दोलन पंजाब के गुरुदासपुर जिले के कादिया नगर से प्रारम्भ हुआ। भारत सेवक समाज * इसे “सर्वेण्ट्स ऑफ इण्डिया सोसायटी” के नाम से भी जाना जाता है। * इसकी स्थापना गोपालकृष्ण गोखले ने की थी। * भारत सेवक समाज का उद्देश्य भारतीयों को नए प्रगतिशील विचारों के द्वारा देश सेवा के लिए तैयार करना था। राष्ट्रीयता का उदय नवजागरण ने अंग्रेजों द्वारा शोषित भारतीयों के मन में आत्मसम्मान एवं स्वतन्त्रता की रा का विकास किया, जिसकी राष्ट्रीय आन्दोलन के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। राष्ट्रीयता के विकास के कारण राष्ट्रीयता के विकास के लिए निम्नलिखित कारण उत्तरदायी थे * ब्रिटिश साम्राज्यवादी नीतियों के फलस्वरूप लोगों ने एक राष्ट्र के बारे में सोचना प्रारम्भ किया। * धार्मिक व सामाजिक सुधारकों ने राष्ट्रवाद की भावना को जाग्रत किया। « अंग्रेजी शिक्षा के द्वारा लोगों में लोकतन्त्र, स्वतन्त्रता आदि विचारधाराओं का प्रभाव पड़ा। समाचार-पत्रों ने राष्ट्रीयता को प्रोत्साहन दिया। भारतीयों से सिविल सेवा में मेदभाव भी प्रमुख कारण था। ब्रिटिश प्रजातीय भेदभाव की नीति ने भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना का विकास किया। आर्थिक शोषण से विदेशियों के प्रति घृणा उत्पन्न हुई। « परिवहन व संचार के साधनों ने देश को एकता के सूत्र में बाँधा। ७. ७३ ७ कक * ९४ मुसलमानों को रूढ़िवादिता में न रहकर वैज्ञानिकता के साथ आगे बढ़ने की क्षा दी। « इनके द्वारा चलाया गया अलीगढ़ आन्दोलन प्रथम मुस्लिम समाज सुधार आन्दोलन था। मुस्लिम सुधार आन्दोलन मुस्लिम धर्म सुधार आन्दोलन के दो प्रकार थे -() वहाबी आन्दोलन (|) देवबन्दी आन्दोलन, जिसे 18वीं शताब्दी में अरब में मुहम्मद अब्दुल वहाब ने प्रारम्भ किया था। भारत में इसका प्रसार सैयद अहमद बरेलवी ने किया था। » इस आन्दोलन के दो प्रमुख उद्देश्य थे-इस्लाम धर्म का प्रचार एवं मुस्लिम समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना। कूंका आन्दोलन इसको कूका या नामघारी आन्दोलन कहा जाता है। यह सिख धर्म सुधार आन्दोलन था, जिसे 1840 ई. में भगत जवाहरमल उर्फ सियान साहब ने शुरू किया था। « इसके उददेश्यों में जाति व अन्तर्जातीय विवाह पर लगे प्रतिबन्ध को दूर करना, मांस व नशीली वस्तुओं के सेवन को निषिद्ध करना था। « 1863 ई. में राम सिंह कूका के नेतृत्व में कूकाओं ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया था। « कूका आन्दोलन की स्थापना गुरू बालक सिंह ने की थी, लेकिन वास्तविक संस्थापक और प्रणेता गुरू राम सिंह थे। 'वियोसॉफिकल सोसायटी * इसकी स्थापना 1875 ई. में न्यूयॉर्क (अमेरिका) में कर्नल अल्काट तथा हेलेन ब्लावत्स्की ने की थी। * भारत में इसकी स्थापना 1882 ई. में अड्यार (मद्रास) में एक आयरिश महिला ऐनी बेसेण्ट ने की थी « इस सोसायटी के अनुसार हिन्दू व बौद्ध धर्म सबसे उत्तम प्रकृति के धर्म हैं। * श्रीमती ऐनी बेसेण्ट ने बनारस में सेण्ट्रल हिन्दू कॉलेज की स्थापना की थी। अहमदिया आन्दोलन *« अहमदिया आन्दोलन की स्थापना 1889 ई. में मिर्जा गुलाम अहमद ने की थी। * यह मुस्लिम धर्म सुधार आन्दोलन उदारवादी था तथा इसके नेता अपने को हजरत मुहम्मद के समान धर्मगुरु मानते थे। « यह आन्दोलन पंजाब के गुरुदासपुर जिले के कादिया नगर से प्रारम्भ हुआ। भारत सेवक समाज * इसे “सर्वेण्ट्स ऑफ इण्डिया सोसायटी” के नाम से भी जाना जाता है। * इसकी स्थापना गोपालकृष्ण गोखले ने की थी। * भारत सेवक समाज का उद्देश्य भारतीयों को नए प्रगतिशील विचारों के द्वारा देश सेवा के लिए तैयार करना था। राष्ट्रीयता का उदय नवजागरण ने अंग्रेजों द्वारा शोषित भारतीयों के मन में आत्मसम्मान एवं स्वतन्त्रता की रा का विकास किया, जिसकी राष्ट्रीय आन्दोलन के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। राष्ट्रीयता के विकास के कारण राष्ट्रीयता के विकास के लिए निम्नलिखित कारण उत्तरदायी थे * ब्रिटिश साम्राज्यवादी नीतियों के फलस्वरूप लोगों ने एक राष्ट्र के बारे में सोचना प्रारम्भ किया। * धार्मिक व सामाजिक सुधारकों ने राष्ट्रवाद की भावना को जाग्रत किया। « अंग्रेजी शिक्षा के द्वारा लोगों में लोकतन्त्र, स्वतन्त्रता आदि विचारधाराओं का प्रभाव पड़ा। समाचार-पत्रों ने राष्ट्रीयता को प्रोत्साहन दिया। भारतीयों से सिविल सेवा में मेदभाव भी प्रमुख कारण था। ब्रिटिश प्रजातीय भेदभाव की नीति ने भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना का विकास किया। आर्थिक शोषण से विदेशियों के प्रति घृणा उत्पन्न हुई। « परिवहन व संचार के साधनों ने देश को एकता के सूत्र में बाँधा। ७. ७३ ७ कक

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